मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को सुशासन वाले प्रदेश की पहचान दी है: उपराष्ट्रपति
उपरष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश सुशासन प्रदेश के रूप में पेहचानन प्राप्त कर रहा है और प्रदेश का संस्थागत ढांचा वैश्विक मानकों पर खरा उतर रहा है।
शासन की जन केन्द्रित नीतियों की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “ ये क्षेत्र राजधर्म के आधारभूत एवं जन केंद्रित शासन सिद्धांतो की प्रयोगशाला बन गया है। एक समय था, बहुत पीछे नहीं जाना पड़ेगा जब भारत को 5 विश्व की कमज़ोर आर्थिक ताकतें में माना जाता था।
प्रदेश की बेहतर कानून व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, माननीय मुख्यमंत्री जी, एक ज़माना था उत्तर प्रदेश की पहचान क़ानून और व्यवस्था की चिंता से होती थी। सभी के लिए चिंतन और चिंता का विषय था। उससे निकलने का कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा था। ऐसा लगता था कि प्रांत एक चक्रव्यूह में फँस गया है और प्रांत की जो संभावनाएं हैं वो कुंठित होती जा रही हैं । आपने चमत्कारिक तरीके से उत्तर प्रदेश को सुशासन वाले प्रदेश की पहचान दी है। ये प्रगति की चर्चा देश में है, विदेश में है, और प्रांत में तो निश्चित रूप से है........ विश्व स्तरीय संस्थागत ढांचे का निर्माण और इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। दुनिया के लिए एक उदाहरण है। आपके यहां जो ढांचा दिख रहा है जो उच्चतम वैश्विक मानकों को पूरा करता है।”
प्रदेश में हो रहे विकास की और ध्यान आकर्षित करते हुए श्री धनखड़ ने कहा, “ यह आयोजन जो प्रांत के 75 जिलों में हो रहा है भारत के सबसे बड़े प्रांत की पहचान और अस्मिता की अभिव्यक्ति है। आज के दिन जो पहले नहीं था वो है--उत्तर प्रदेश विकास का सूचक है। उत्तर प्रदेश की पहचान इसकी विकास गति है। प्रांत निरन्तरता से तीव्र गति से अप्रत्याशित प्रगति के पथ पर अग्रसर है।”
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