पीएम मोदी ने गुजरात को दी 1400 करोड़ रुपए की रेलवे परियोजनाओं का बड़ा तोहफा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के अहमदाबाद में 5,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश इस समय गणेशोत्सव की धूम में डूबा हुआ है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि गणपति बप्पा के आशीर्वाद से, आज गुजरात की प्रगति से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का शुभारम्भ हो रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें कई परियोजनाओं को जनता के चरणों में समर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और इन विकास कार्यों के लिए सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई।
गुजरात को दो मोहनों की भूमि बताते हुए, प्रधानमंत्री ने पहले मोहन को सुदर्शन चक्रधारी - द्वारकाधीश श्री कृष्ण कहा। उन्होंने दूसरे मोहन को चरखाधारी - साबरमती के संत, पूज्य बापू बताया। श्री मोदी ने कहा, "सुदर्शन चक्रधारी मोहन और चरखाधारी मोहन के दिखाए मार्ग पर चलकर भारत आज और भी सशक्त हो रहा है।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सुदर्शन-चक्रधारी मोहन ने हमें राष्ट्र और समाज की रक्षा करना सिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि सुदर्शन चक्र न्याय और सुरक्षा का कवच बन गया है - जो पाताल लोक में छिपे दुश्मनों को भी दंडित करने में सक्षम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही भावना आज भारत के निर्णयों में भी झलकती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज भारत आतंकवादियों या उनके आकाओं को, चाहे वे कहीं भी छिपे हों, नहीं छोड़ता। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया ने देखा है कि भारत ने पहलगाम हमले का बदला कैसे लिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सशस्त्र बलों की वीरता और सुदर्शन-चक्रधारी मोहन से प्रेरित राष्ट्र के संकल्प का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने 1,400 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया. यह परियोजनाएं विशेष रूप से उत्तर गुजरात के महेसाणा, पाटण, बनासकांठा, गांधीनगर और अहमदाबाद जिलों को बड़ा लाभ पहुचाएंगी. इससे रेलवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता और रोजगार सृजन में खास बढोत्तरी होगी.
प्रधानमंत्री ने रेलवे की जो परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की. उनमें 537 करोड़ रुपए की लागत से तैयार महेसाणा–पालनपुर रेल लाइन (65 किमी) का दोहरीकरण, 347 करोड़ रुपए की लागत से कलोल–कड़ी–कटोसन रोड रेल लाइन (37 किमी) का गेज कन्वर्जन और 520 करोड़ रुपए की लागत से बेचराजी–रणुंज रेल लाइन (40 किमी) का गेज कन्वर्जन शामिल है. यह सभी रेलवे परियोजनाएं विशेष रूप से उत्तर गुजरात के महेसाणा, बनासकांठा और पाटण जिले को ब्रॉडगेज लाइन के माध्यम से सहज, सुरक्षित और निर्बाध संपर्क प्रदान करेंगी.
इससे दैनिक यात्रियों,पर्यटकों और व्यवसायों के लिए आवागमन अधिक सरल और तेज होगा. आसपास के क्षेत्रीय लोगों को आर्थिक रुपए से आगे बढ़ने में बड़ी मदद मिलेगी. वहीं अतिरिक्त लाइन क्षमता के कारण अहमदाबाद–दिल्ली मार्ग पर तेज गति से ट्रेनों का संचालन संभव होगा. इससे अधिक यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा. मालगाड़ियों की गति एवं दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा. इस प्रकार यह परियोजनाएं गुजरात की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी.
गुजरात के बेचराजी–रणुंज रेल लाइन का गेज कन्वर्जन नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान फॉर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के अनुरूप किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और गुजरात राज्य की लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग में और भी ज्यादा बेहतर सुधार लाना है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह पहल उत्तर गुजरात की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को और गति प्रदान करेगी. इसके साथ भारत के लॉजिस्टिक्स और रेलवे क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन सेवा कड़ी से एवं बेचराजी से कार-लोडेड मालगाड़ी सेवा का भी शुभारंभ किया. कटोसन- साबरमती रोड नई ट्रेन सेवा न केवल पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी. इसी तरह बेचराजी से शुरू होने वाली कार-लोडेड मालगाड़ी राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इससे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इन दोनों रेल सेवाओं से क्षेत्र को पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और उच्चगति वाला परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा. इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी. ये सभी रेलवे परियोजनाएं विकसित गुजरात से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेंगी.
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