प्रियंका गांधी ने दाखिल किया वायनाड से नामांकन, सोनिया, खरगे, राहुल रहे मौजूद
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने वायनाड के लोगों से अपील की कि वे प्रियंका को अब तक के सबसे बड़े मतों के अंतर से जीत दिलाएं। उन्होंने बताया कि वायनाड के लोगों ने उपचुनाव में प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ाने की मांग की थी। अब यह उनका कर्तव्य है कि वे प्रियंका को जीत दिलाएं।
खरगे ने कहा कि प्रियंका गांधी मजबूत, साहसी और दयालु नेता हैं, जो संसद में लोगों की सबसे मजबूत आवाज साबित होंगी।
वहीं प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में वायनाड के लोगों को आश्वासन दिया कि वह संसद में उनकी आवाज बनेंगी और उन्हें कभी निराश नहीं करेंगी। भीड़ की जोरदार तालियों और जयकारों के बीच उन्होंने कहा, "आप मेरे अपने परिवार की तरह हैं और मैं चाहती हूं कि आप यह जान लें कि मैं आपके लिए लड़ने, आपके साथ खड़े होने, आपकी आवाज बनने, आपकी लड़ाई लड़ने के लिए यहां हूं और मैं आपको कभी निराश नहीं करूंगी।"
प्रियंका गांधी ने कहा कि जब उन्होंने देखा कि विनाशकारी भूस्खलन के दौरान वायनाड के लोग साहस और करुणा के साथ एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं, तो वह उनकी बहादुरी और निस्वार्थ भावना से प्रभावित हुईं।
उन्होंने कहा, "वायनाड के लोगों की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।" उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनका परिवार वायनाड के लोगों के प्रति हमेशा आभारी और ऋणी रहेगा, जिन्होंने उस समय उनका साथ दिया, जब लगभग सभी ने उनसे मुंह मोड़ लिया था।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी को वायनाड सीट छोड़ने का दुख हो रहा था, लेकिन मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि मैं आपके व उनके बीच के रिश्ते को और मजबूत करूंगी।"
उन्होंने लोगों से कहा, "यह मेरे लिए एक नई यात्रा है और इसमें आप सभी शिक्षक एवं मार्गदर्शक होंगे।" उन्होंने बताया कि वह वायनाड की स्थानीय समस्याओं और मुद्दों से परिचित हैं, जैसे मेडिकल कॉलेज की जरूरत, रात्रि यातायात पर प्रतिबंध का मुद्दा और मानव-पशु संघर्ष। उन्होंने कहा कि वह लोगों से संपर्क कर उनके मुद्दों व समस्याओं के बारे में और जानकारी हासिल करेंगी।
वहीं इस अवसर पर बोलते हुए राहुल गांधी भावुक हो गए और लोगों से कहा कि वायनाड के लोगों ने उनके लिए जो किया है, उसके लिए उन्हें धन्यवाद देना शब्दों और अभिव्यक्ति से परे है। उन्होंने कहा, "अगर आप वायनाड के लोगों के साथ मेरे रिश्ते को अच्छी तरह समझते हैं, तो चाहे मैं इसे कितनी भी बार कहने और दोहराने की कोशिश करूं, भावनाओं की सच्ची अभिव्यक्ति शब्दों में नहीं की जा सकती।"
साथ ही, गांधी ने वायनाड के लोगों को भरोसा दिलाया कि यह देश का एकमात्र संसदीय क्षेत्र होगा, जहां से दो सांसद होंगे, एक आधिकारिक (प्रियंका गांधी) और दूसरा खुद वह अनौपचारिक। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी बहुत बहादुर और साहसी हैं। उन्होंने याद किया कि जब उनके पिता राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब प्रियंका गांधी ने बड़ी हिम्मत के साथ सोनिया गांधी जी को संभाला था।
राहुल गांधी ने लाखों की संख्या में मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि मेरी बहन अपने परिवार के लिए कुछ भी त्याग करने को तैयार है और जब मैं ऐसा कहता हूं, तो मेरा मतलब है कि वायनाड हमारा अपना परिवार है।"
वायनाड के लोगों से अपनी बहन का समर्थन करने की अपील करते हुए उन्होंने प्रियंका द्वारा उनकी कलाई पर बांधी गई राखी दिखाई। उन्होंने कहा कि यह भाई द्वारा अपनी बहन की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की, "मैं आपसे मेरी बहन की मदद और समर्थन करने की अपील करता हूं।"
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