केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली में सीबीएसई अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित सीबीएसई इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में सीबीएसई अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया। सीबीएसई मुख्यालय में स्थापित यह केंद्र छात्रों को सीखने का एक ऐसा व्यापक माहौल देता है, जो उन्हें किताबों से परे ले जाता है। यहाँ छात्रों को शिक्षा के विकास को समझने, नई तकनीकों से जुड़ने और भविष्य के करियर के अवसरों के बारे में जानकारी पाने का मौका मिलता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीबीएसई अनुभव केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों को दर्शाता है, जो अनुभवात्मक और समग्र शिक्षा पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल छात्रों में जिज्ञासा जगा सकती है, स्वतंत्र सोच और रचनात्मकता को प्रोत्साहित कर सकती है और उन्हें अधिक आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर सकती है।
प्रल्हाद जोशी ने कहा कि शिक्षा युवाओं को ऐसा ज्ञान, कौशल और मूल्य प्रदान करने वाली होनी चाहिए, जिससे वे समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें। प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता पर जोर देते हुए, उन्होंने छात्रों को वैश्विक कार्यबल की बदलती जरूरतों के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। हाल ही में शुरू किए गए सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रयोग और समस्याओं के समाधान के अवसर अगली पीढ़ी के नवप्रवर्तकों को तैयार करने में मदद कर सकते हैं।
सीबीएसई अनुभव केंद्र यहां आने वालों को भारत में शिक्षा के बदलते सफर से रूबरू कराएगा। यह प्राचीन परंपराओं को आधुनिक शिक्षा और करियर के नए अवसरों से जोड़ता है। 6,000 वर्ग फुट में फैले इस केंद्र में 12 बड़े जोन और 21 प्रदर्शनियां हैं। आरएफआईडी युक्त स्मार्ट कार्ड की मदद से, यहां आने वाले लोग प्रदर्शनियों के साथ जुड़ सकते हैं, विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं और अपने लिए खास जानकारी तथा गेम-आधारित लीडरबोर्ड का लाभ उठा सकते हैं।
एक विशेष खंड ऐतिहासिक तस्वीरों और अभिलेखीय सामग्री के माध्यम से सीबीएसई के विकास को दर्शाता है। इसमें वर्ष 1935 के रिकॉर्ड शामिल हैं, जो स्कूली शिक्षा प्रणाली के विकास में बोर्ड की भूमिका की झलक पेश करते हैं। यह केंद्र छात्रों को लाखों वर्षों की एक विजुअल और इंटरैक्टिव जियोलॉजिकल टाइमलाइन के ज़रिए पृथ्वी के इतिहास से भी परिचित कराता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब 'एग्जाम वॉरियर्स' पर आधारित एक समर्पित कियोस्क, छात्रों को परीक्षाओं के प्रति एक स्वस्थ दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह आत्मविश्वास, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर देता है।
Source: PIB
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